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शुक्रवार व्रत — महत्व, विधि और लाभ

By the Astroly Astrology Desk · Updated Sep 3, 2026 · 1 min read

शुक्रवार व्रत — महत्व और विधि

शुक्रवार व्रत माँ लक्ष्मी / संतोषी माता को समर्पित व्रत है, जो हर शुक्रवार रखा जाता है। यह व्रत धन, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति के लिए किया जाता है।

श्रद्धा और नियम से किया गया यह व्रत जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और शुभ फल लाता है।

शुक्रवार व्रत का महत्व

शुक्रवार व्रत का विशेष धार्मिक महत्व है — यह धन, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति प्रदान करने वाला माना जाता है। माँ लक्ष्मी / संतोषी माता की कृपा से जीवन की बाधाएँ दूर होती हैं और मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।

शुक्रवार व्रत की विधि

शुक्रवार को देवी की पूजा करें, व्रत कथा सुनें और खट्टी वस्तु से परहेज़ करें। व्रत के दिन सूर्योदय से पहले स्नान कर संकल्प लें, दिनभर श्रद्धापूर्वक पूजा-पाठ करें और शाम को व्रत कथा सुनकर विधि अनुसार व्रत खोलें।

व्रत के नियम

  • सूर्योदय से पहले स्नान कर संकल्प लें
  • मन, वचन और कर्म से शुद्ध रहें
  • क्रोध, झूठ और तामसिक भोजन से बचें
  • व्रत कथा सुनें और दान-पुण्य करें

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Frequently Asked Questions

शुक्रवार व्रत कब रखा जाता है?

शुक्रवार व्रत हर शुक्रवार रखा जाता है।

शुक्रवार व्रत किस देवता को समर्पित है?

शुक्रवार व्रत माँ लक्ष्मी / संतोषी माता को समर्पित है।

शुक्रवार व्रत रखने से क्या लाभ होता है?

शुक्रवार व्रत से धन, सुख-समृद्धि और मनोकामना पूर्ति की प्राप्ति मानी जाती है।

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